मंत्र : मुंशी प्रेमचन्द द्वारा लिखित एक बहुत अच्छी कहानी

संध्या का समय था। डाक्टर चड्ढा गोल्फ खेलने के लिए तैयार हो रहे थे। मोटर द्वार के सामने खड़ी थी कि दो कहार एक डोली लिये आते दिखायी दिये। डोली के पीछे एक बूढ़ा लाठी टेकता चला आता था। डोली औषाधालय के सामने आकर रूक गयी। बूढ़े ने धीरे-धीरे आकर पर पड़ी हुई चिक से… Read more मंत्र : मुंशी प्रेमचन्द द्वारा लिखित एक बहुत अच्छी कहानी

शब्दों की शक्ति

शब्दों की शक्ति बहुत होती है. इसको हम इस कहानी से आसानी से समझ सकते है. मेंढकों का एक समूह जंगल के रास्ते जा रहा था. उनमें से दो एक गहरे गड्ढे में गिर गए सभी मेंढक इकट्ठा होकर देखते हैं की यह बहुत गहरा था. इसलिए उन दोनों को बताया कि उनके बचने की… Read more शब्दों की शक्ति

सुनहरा नेवला

महाभारत में कुरुक्षेत्र युद्ध के समापन पर युधिष्ठिर हस्तिनापुर के राजा के राजा बने। अपनी प्रजा के कल्याण के लिए पांडवों ने राजसूय यज्ञ किया। दूर-दूर से लोग आए। उनके द्वार से कोई याचक खाली हाथ नहीं जाता था | महंगी और अनमोल उपहार दान दिया गया। यज्ञ समाप्त होने पर चारों तरफ पांडवों की… Read more सुनहरा नेवला