ध्यान की एक सरल एवं अत्यंत प्रभावशाली विधि

मानव मस्तिष्क पृथ्वी पर सबसे शक्तिशाली मशीन है जो बिना आराम के २४ घंटे जीवनभर काम करता है । वैज्ञानिक अध्ययनों में यह पता चलता है, यदि आप योगी नहीं हैं, तो लगभग 60000 विचार हर दिन आते हैं। क्या होगा, अगर हम इन विचारों को जितना संभव हो सके कम कर सके? तो निश्चित रूप से हमारे मस्तिष्क को और आराम मिलेगा। जो हमारे मस्तिष्क शक्ति और फोकस को बढ़ाएगा।

फिर सवाल आता है कैसे? और जवाब ध्यान है। ध्यान तनाव को कम करने के लिए सबसे शक्तिशाली तकनीकों में से एक है। कई शोधों में, यह साबित हुआ है कि 60 मिनट कि ध्यान के एक सेसन से भी हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। ध्यान बीपी, खराब कोलेस्ट्रॉल, तनाव और हृदय रोग को कम करने में मदद करता है। यह हमारी इच्छाशक्ति और आत्म संतुष्टि को भी बढ़ाता है . जिससे हम खुश महसूस करते हैं।

इस पोस्ट में, हम ध्यान के एक आसान लेकिन प्रभावशाली तरीके के बारे में सीखेंगे। ऐसा माना जाता है कि बुद्ध अपने प्रारंभिक चरण में इस ध्यान विधि का अभ्यास किया था। सबसे पहले किसी भी आसन में बैठें जिसमें आप सुखपूर्वक बैठ सकें। पीठ गर्दन और सिर को एक सीध में रखें. हाथों को ज्ञान मुद्रा में अपने घुटनों पर रखें। ध्यान में हमेशा आंखें बंद रखें यदि आप चश्मा पहनते हैं तो उसे उतार कर रख दें.

आप सारा ध्यान अपनी सांसो पर केंद्रित करें सांसों को बदलने का प्रयास ना करें. स्वाभाविक तरीके से सांस लें. यह कोई प्रणायाम या सांसो का व्यायाम नहीं है. सारा ध्यान नासिका के अगले भाग पर लगाएं. हर आते एवं जाते हुए साँस पर एक प्रहरी की भांति नजर रखें. कोई भी साँस बिना आपके की जानकारी के न जाये.

यदि आप 15 मिनट प्रतिदिन 1 हफ्ते तक यह ध्यान कर लेंगे, तो आपको यह महसूस होने लगेगा कि आपका कौन सा स्वर चल रहा है. और 15 दिनों बाद आप यह महसूस करने लगेंगे कि आपकी सांसे आपके नाक के किस भाग को छूकर आ जा रही हैं. एक महीने में  मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार महसूस कर सकेंगे. यदि आपका कोई प्रश्न हो तो कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *